क्या कर रहे हैं हम
क्या कर रहे हैं हम
देखो ! क्या कर रहे हैं हम
रोते हैं सारी ज़िन्दगी
करते नहीं हैं कुछ
और चाहते हैं बहुत कुछ पाना|
बचपन नहीं है ये
कि ये गलतियाँ यूँ ही भुला दी जाएँगी
सुनाकर थोड़ी सी झिड़की
अतीत की कब्र में सुला दी जाएँगी|
ये उम्र का वो पड़ाव है
जहाँ बनना है हमें आदर्श
दिखना है हमें मानव की तरह|
अपनी विकृत मानसिकता बदल डालो
और अपने अतीत को खंगालो
शायद कुछ मिल जाये ऐसा
जिससे बदल जाये ज़िन्दगी|
बदल जाये लोगों की धारणा|
अरे ! ओ आदमी |
आदमी हो, कुछ तो करो !
कुछ तो करो !
क्या कर रहे हैं हम
देखो ! क्या कर रहे हैं हम|
देखो ! क्या कर रहे हैं हम
रोते हैं सारी ज़िन्दगी
करते नहीं हैं कुछ
और चाहते हैं बहुत कुछ पाना|
बचपन नहीं है ये
कि ये गलतियाँ यूँ ही भुला दी जाएँगी
सुनाकर थोड़ी सी झिड़की
अतीत की कब्र में सुला दी जाएँगी|
ये उम्र का वो पड़ाव है
जहाँ बनना है हमें आदर्श
दिखना है हमें मानव की तरह|
अपनी विकृत मानसिकता बदल डालो
और अपने अतीत को खंगालो
शायद कुछ मिल जाये ऐसा
जिससे बदल जाये ज़िन्दगी|
बदल जाये लोगों की धारणा|
अरे ! ओ आदमी |
आदमी हो, कुछ तो करो !
कुछ तो करो !
क्या कर रहे हैं हम
देखो ! क्या कर रहे हैं हम|
नीरज 'नील'
04/02/2019
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