तू हमसफ़र मेरा
तू हमसफ़र मेरा, तू हमनवाज़ है।
तू ही गीत मेरा, तू ही साज़ है।
तू है खुदा मेरा, तू ही हमराज़ है।
तू ही इबादत मेरी, तू ही नवाज़ है।
तू ही ज़ुबान मेरी, तू ही अल्फाज़ है।
तू ही अंत मेरा, तू ही आगाज़ है।
तू तस्सवुर मेरा, तू सरफराज है।
तू ही गीत मेरा, तू ही साज़ है।
तू है खुदा मेरा, तू ही हमराज़ है।
तू ही इबादत मेरी, तू ही नवाज़ है।
तू ही ज़ुबान मेरी, तू ही अल्फाज़ है।
तू ही अंत मेरा, तू ही आगाज़ है।
तू तस्सवुर मेरा, तू सरफराज है।
नीरज'नील'
24-11-2018
24-11-2018
Comments
Post a Comment