"तुम मेरे खुदा नहीं तो क्या हो"
"तुम मेरे खुदा नहीं तो क्या हो"
कैसे कहूं कि तुम मेरे क्या हो,
हर रंग हो, खुशी हो, जिंदगी हो,
तुम ही कहो,
तुम मेरे खुदा नहीं तो क्या हो।
हर रंग हो, खुशी हो, जिंदगी हो,
तुम ही कहो,
तुम मेरे खुदा नहीं तो क्या हो।
मेरी हर धड़कन में तुम हो,
हर सांस में, सीरत में, फितरत में,
हर ख़्वाब में,तुम ही तो हो।
तुम ही कहो,
तुम मेरे खुदा नहीं तो क्या हो।
हर सांस में, सीरत में, फितरत में,
हर ख़्वाब में,तुम ही तो हो।
तुम ही कहो,
तुम मेरे खुदा नहीं तो क्या हो।
जिंदगी तुमसे, दिल्लगी तुमसे,
जिसनगी तुमसे,
हर दुआ में तुम ही शामिल।
तुम ही कहो,
तुम मेरे खुदा नहीं तो क्या हो।
जिसनगी तुमसे,
हर दुआ में तुम ही शामिल।
तुम ही कहो,
तुम मेरे खुदा नहीं तो क्या हो।
नीरज'नील'
12-05-2018
12-05-2018
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