कुछ भी पाना मुश्किल नहीं
गर तुम चाहते तो, कुछ भी पाना मुश्किल न था।
तुम्हारे बेवजह जलते घरों को बचाना मुश्किल न था।
तुम्हारी चाहतों को जिन काली घटाओं ने घेरा।
यूं सहज हाथों से उन्हें हटाना मुश्किल न था।
गर ठान लेते तूफानों से लड़ना है,
तो हवा का रुख मोड़ना मुश्किल न था।
तुम्हारे बेवजह जलते घरों को बचाना मुश्किल न था।
तुम्हारी चाहतों को जिन काली घटाओं ने घेरा।
यूं सहज हाथों से उन्हें हटाना मुश्किल न था।
गर ठान लेते तूफानों से लड़ना है,
तो हवा का रुख मोड़ना मुश्किल न था।
नीरज'नील'
17-06-2018
17-06-2018
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